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🅷 अनिवार्य भारतीय भाषा (हिंदी) — प्रश्नपत्र A · सम्पूर्ण विषय-वार व्याख्या

महत्व (Why it matters): यह प्रश्नपत्र 300 अंक का, अर्हक (qualifying) है — न्यूनतम 25% (75/300) आवश्यक। इसके अंक मेरिट में नहीं जुड़ते, परन्तु इसमें असफल होने पर आपकी सम्पूर्ण मुख्य परीक्षा रद्द हो जाती है — शेष प्रश्नपत्रों का मूल्यांकन ही नहीं होता। अतः इसकी उपेक्षा घातक है।

उम्मीदवार आठवीं अनुसूची की किसी एक भारतीय भाषा का चयन करते हैं। यहाँ हिंदी को उदाहरण के रूप में लिया गया है; प्रारूप सभी भाषाओं में समान रहता है।


1. प्रश्नपत्र का प्रारूप (Paper pattern)

भाग अनुमानित अंक क्या परखा जाता है
निबंध ~100 विचारों की क्रमबद्धता एवं भाषा-शुद्धि
गद्यांश-बोध (Comprehension) ~60 पठित अंश की समझ
संक्षेपण (Précis) ~60 संक्षेप में सार लिखने की क्षमता
अनुवाद (Translation) ~40 अंग्रेज़ी↔हिंदी
व्याकरण एवं शब्दावली ~40 शुद्धि, मुहावरे, पर्यायवाची/विलोम

यह भाषा की परीक्षा है, ज्ञान की नहीं। सरल, शुद्ध और स्पष्ट भाषा ही सर्वोत्तम रणनीति है।


2. निबंध लेखन (Essay)

संरचना:

 भूमिका (विषय-प्रवेश, परिभाषा या सूक्ति)
   ↓
 मुख्य भाग — 3–4 अनुच्छेद, प्रत्येक में एक ही विचार
   (सामाजिक · आर्थिक · राजनीतिक · सांस्कृतिक · नैतिक आयाम)
   ↓
 उपसंहार (संतुलित, सकारात्मक, समाधानपरक)

सुझाव: छोटे-छोटे वाक्य लिखें; वर्तनी एवं लिंग-वचन की अशुद्धि से बचें; अनावश्यक अलंकारिक भाषा न प्रयोग करें; उदाहरण एवं आँकड़े संक्षेप में दें।

संभावित विषय: शिक्षा का महत्व, नारी सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान और मानव जीवन, भ्रष्टाचार, युवा और राष्ट्र-निर्माण, डिजिटल भारत, लोकतंत्र।


3. गद्यांश-बोध (Comprehension)

  • गद्यांश को दो बार पढ़ें — पहली बार भाव समझने, दूसरी बार उत्तर खोजने के लिए।
  • उत्तर अपने शब्दों में, गद्यांश के आधार पर ही दें — बाहरी ज्ञान न जोड़ें।
  • प्रश्न में पूछी गई बात का ही उत्तर दें; अनावश्यक विस्तार से बचें।

4. संक्षेपण (Précis) — नियम

 • मूल का लगभग एक-तिहाई (1/3)
 • अपने शब्दों में; अन्य पुरुष (third person); भूतकाल
 • मूल का क्रम एवं सभी मुख्य विचार सुरक्षित रहें
 • हटाएँ: उदाहरण, दृष्टान्त, पुनरुक्ति, अलंकार, उद्धरण, प्रश्नवाचक वाक्य
 • जोड़ें कुछ नहीं: कोई नया तथ्य या अपनी राय नहीं
 • उपयुक्त शीर्षक दें
 • एक ही अनुच्छेद में लिखें; अंत में शब्द-संख्या लिखें

5. अनुवाद (Translation)

  • भाव-अनुवाद करें, शब्दशः नहीं। पहले अर्थ की सटीकता, फिर भाषा की स्वाभाविकता।
  • तकनीकी/प्रशासनिक शब्दों के मानक प्रतिशब्द याद रखें:
 Constitution — संविधान        Fundamental Rights — मौलिक अधिकार
 Parliament — संसद             Judiciary — न्यायपालिका
 Executive — कार्यपालिका        Legislature — विधायिका
 Budget — बजट/आय-व्ययक         Inflation — मुद्रास्फीति
 Democracy — लोकतंत्र          Federalism — संघवाद
 Sustainable Development — सतत विकास
 Governance — शासन             Accountability — जवाबदेही

6. व्याकरण (Grammar) — विस्तार से

6.1 संधि

स्वर, व्यंजन और विसर्ग संधि।

 दीर्घ संधि : विद्या + आलय = विद्यालय ; देव + आलय = देवालय
 गुण संधि   : नर + इंद्र = नरेंद्र ; महा + ईश = महेश
 वृद्धि संधि : एक + एक = एकैक
 यण् संधि   : इति + आदि = इत्यादि
 अयादि संधि : ने + अन = नयन
 व्यंजन संधि: सत् + जन = सज्जन ; उत् + हार = उद्धार
 विसर्ग संधि: निः + चय = निश्चय ; मनः + बल = मनोबल

6.2 समास

 तत्पुरुष   — राजकुमार (राजा का कुमार) — उत्तरपद प्रधान
 कर्मधारय   — नीलकमल (नीला कमल) — विशेषण-विशेष्य
 द्विगु      — त्रिभुज (तीन भुजाओं का) — पूर्वपद संख्यावाची
 द्वंद्व      — माता-पिता — दोनों पद प्रधान
 बहुव्रीहि   — दशानन (दस मुख वाला = रावण) — अन्यपद प्रधान
 अव्ययीभाव  — यथाशक्ति — पूर्वपद अव्यय, अव्यय प्रधान

6.3 कारक (आठ)

 कर्ता      — ने        कर्म      — को
 करण       — से, के द्वारा       सम्प्रदान — को, के लिए
 अपादान    — से (अलगाव)          सम्बन्ध   — का, की, के
 अधिकरण    — में, पर             सम्बोधन   — हे, अरे

6.4 अन्य व्याकरण बिंदु

  • वाच्य: कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य।
  • काल: भूत, वर्तमान, भविष्य (तथा उनके भेद)।
  • लिंग एवं वचन: हिंदी में सर्वाधिक अशुद्धियाँ यहीं होती हैं — विशेष अभ्यास करें।
  • उपसर्ग एवं प्रत्यय: प्र, परा, अनु, वि, सम्, अधि / -ता, -त्व, -पन, -वान।
  • वाक्य-शुद्धि: सामान्य अशुद्धियाँ सुधारने का नियमित अभ्यास करें।
 अशुद्ध — शुद्ध
 मैं आपका दर्शन करने आया — मैं आपके दर्शन करने आया
 वह अपने घर को गया      — वह अपने घर गया
 कृपया आप बैठिए         — कृपया बैठिए

7. शब्दावली (Vocabulary)

पर्यायवाची (synonyms):

 जल   — नीर, वारि, सलिल, तोय, अम्बु
 सूर्य — रवि, भानु, दिनकर, दिवाकर, आदित्य
 पृथ्वी— धरा, वसुधा, भूमि, अवनि, धरती
 अग्नि — आग, पावक, अनल, वह्नि
 आँख  — नेत्र, चक्षु, लोचन, दृग

विलोम (antonyms): ज्ञान–अज्ञान · आदि–अंत · उन्नति–अवनति · आय–व्यय · सजीव–निर्जीव · कृतज्ञ–कृतघ्न · स्वदेश–विदेश।

मुहावरे: आँख का तारा (अत्यंत प्रिय) · नाक में दम करना (परेशान करना) · अपना उल्लू सीधा करना (स्वार्थ सिद्ध करना) · आँखें बिछाना (स्वागत करना) · दाँतों तले उँगली दबाना (आश्चर्यचकित होना) · हाथ मलना (पछताना)।

लोकोक्तियाँ: अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत · नाच न जाने आँगन टेढ़ा · दूर के ढोल सुहावने।

अनेक शब्दों के लिए एक शब्द: जो कभी न मरे — अमर · जिसकी तुलना न हो — अतुलनीय · जो देखने योग्य हो — दर्शनीय · जिसे जीता न जा सके — अजेय · रात में घूमने वाला — निशाचर।


8. अन्य भारतीय भाषाएँ

यदि आप तमिल, तेलुगु, बांग्ला, मराठी, कन्नड़, मलयालम, उर्दू आदि चुनते हैं तो प्रारूप वही रहता है — निबंध, बोध, संक्षेपण, अनुवाद, व्याकरण। उसी भाषा की एक मानक व्याकरण पुस्तक तथा विगत वर्षों के प्रश्नपत्र पर्याप्त हैं।


9. तैयारी की रणनीति (Strategy)

  • प्रतिदिन 20–30 मिनट पर्याप्त है: एक अनुच्छेद पढ़ें, संक्षेपण लिखें, कुछ अनुवाद-वाक्य करें।
  • मुख्य परीक्षा से 2 माह पूर्व: 5 विगत प्रश्नपत्र निर्धारित समय में हल करें।
  • लक्ष्य: केवल 25% नहीं, 40%+ रखें ताकि कोई जोखिम न रहे।
  • सर्वाधिक ध्यान: वर्तनी, लिंग-वचन, कारक-चिह्न और वाक्य-संरचना पर — यहीं सबसे अधिक अंक कटते हैं।

निष्कर्ष: यह प्रश्नपत्र कठिन नहीं, केवल उपेक्षित है। थोड़े नियमित अभ्यास से यह पूर्णतः सुरक्षित हो जाता है — और इसकी उपेक्षा वर्षों की मेहनत व्यर्थ कर सकती है।


📖 स्रोत एवं अभ्यास मानचित्र (Source & Practice Map)

उद्देश्य सामग्री
व्याकरण किसी एक मानक हिंदी व्याकरण पुस्तक (जैसे हरदेव बाहरी / कामता प्रसाद गुरु) — चयनित अध्याय
संक्षेपण एवं अनुवाद विगत वर्षों के प्रश्नपत्र (अनिवार्य हिंदी) — सर्वोत्तम अभ्यास
शब्दावली एक हिंदी समाचार-पत्र का संपादकीय प्रतिदिन पढ़ें
अन्य भाषाएँ उसी भाषा की एक मानक व्याकरण पुस्तक + विगत प्रश्नपत्र

सबसे अधिक लाभ देने वाली आदत: प्रतिदिन 20–30 मिनट — एक अनुच्छेद पढ़ें, संक्षेपण लिखें, कुछ वाक्यों का अनुवाद करें। मुख्य परीक्षा से दो माह पूर्व 5 विगत प्रश्नपत्र निर्धारित समय में हल करें। लक्ष्य 40%+ रखें ताकि कोई जोखिम न रहे।

यही प्रारूप सभी आठवीं अनुसूची की भाषाओं (तमिल, तेलुगु, बांग्ला, मराठी, कन्नड़, मलयालम, उर्दू आदि) पर लागू होता है — केवल भाषा बदलती है, रणनीति वही रहती है।

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